MP District Judge Retirement Age Update
MP District Judge Retirement Age 62 Years: दोस्तों आपके लिए बड़ी खबर !! मध्य प्रदेश में जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। जिला जजों की रिटायरमेंट उम्र 61 साल से बढ़ाकर 62 साल करने के प्रस्ताव पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सहमति जताई है। इस मामले में तमिलनाडु और तेलंगाना ने भी 62 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु के प्रस्ताव के लिए तैयारी जताई है। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि वे अपने अधिकार क्षेत्र वाले हाईकोर्ट से परामर्श कर दो सप्ताह के भीतर स्वतंत्र और व्यावहारिक फैसला लें। कोर्ट ने एडवोकेट जनरल से भी कहा कि जिन राज्यों की ओर से विरोध सामने आ रहा है, वहां के मुख्यमंत्रियों को इस प्रस्ताव पर सहमत कराने की कोशिश की जाए। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।
मध्य प्रदेश ने 62 साल की उम्र के प्रस्ताव पर जताई सहमति
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मध्य प्रदेश सरकार ने जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करने के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो मध्य प्रदेश में जिला जजों और संबंधित न्यायिक अधिकारियों को वर्तमान व्यवस्था की तुलना में एक वर्ष अतिरिक्त सेवा का अवसर मिल सकता है।
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कुछ राज्यों ने जताई आपत्ति
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ राज्यों की ओर से इस प्रस्ताव को लेकर आपत्ति भी सामने आई है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड ने इसके संबंध में आर्थिक बोझ का तर्क दिया है। वहीं, नगालैंड की ओर से कहा गया कि वहां सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 58 वर्ष है, इसलिए न्यायिक अधिकारियों की उम्र बढ़ाने से अलग तरह की समस्या उत्पन्न हो सकती है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट का कहना है कि न्यायिक अधिकारी अपेक्षाकृत देर से सेवा में आते हैं और अनुभवी न्यायिक अधिकारियों को सेवा में बनाए रखने से न्याय व्यवस्था को लाभ मिल सकता है।
पिछले साल 61 साल की गई थी रिटायरमेंट उम्र
सुप्रीम कोर्ट के 20 नवंबर 2025 के अंतरिम आदेश में मध्य प्रदेश के न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 वर्ष से बढ़ाकर 61 वर्ष की गई थी। अब देशभर की जिला न्यायपालिका में इसे समान रूप से 62 वर्ष करने की मांग सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। इस मुद्दे का संबंध पुरानी न्यायिक व्यवस्था से भी है। वर्ष 2002 में सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस जगन्नाथ शेट्टी आयोग की जिला जजों की रिटायरमेंट उम्र 62 वर्ष करने की सिफारिश स्वीकार नहीं की थी। करीब 24 साल बाद यह मुद्दा एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के सामने है।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों की उम्र कितनी?
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं, जबकि हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष है। ऐसे में जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 62 वर्ष करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
फैसला होने पर सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचे अधिकारियों को भी लाभ
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी राज्य में सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने का फैसला सुनवाई के दौरान होता है, तो फैसले के बीच की अवधि में रिटायर होने वाले न्यायिक अधिकारियों को भी इसका लाभ मिल सकता है। इससे उन अधिकारियों को राहत मिलने की संभावना है जो मौजूदा रिटायरमेंट आयु के कारण सेवा से बाहर होने वाले हैं।
मुख्य बातें एक नजर में
- मध्य प्रदेश में प्रस्तावित रिटायरमेंट उम्र: 62 वर्ष
- वर्तमान रिटायरमेंट उम्र: 61 वर्ष
- सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: दो सप्ताह में फैसला लेने की प्रक्रिया
- अगली सुनवाई: 17 सितंबर
- अन्य राज्य: तमिलनाडु और तेलंगाना ने भी तैयारी जताई
- सुप्रीम कोर्ट के जजों की सेवानिवृत्ति आयु: 65 वर्ष
- हाईकोर्ट के जजों की सेवानिवृत्ति आयु: 62 वर्ष
क्या मध्य प्रदेश में जिला जजों की रिटायरमेंट उम्र 62 साल होगी?
फिलहाल मध्य प्रदेश सरकार ने 62 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु के प्रस्ताव पर सहमति जता दी है। हालांकि, अंतिम व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए न्यायिक अधिकारियों को अंतिम निर्णय और आधिकारिक आदेश का इंतजार करना होगा। रिटायरमेंट उम्र में बदलाव लागू होने की स्थिति, प्रभावी तारीख और पात्र न्यायिक अधिकारियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद स्पष्ट होगी।