सोयाबीन भावांतर योजना: 6.44 लाख किसानों को ₹1292 करोड़, CM मोहन यादव ने 3.77 लाख किसानों को दी ₹810 करोड़ की सौगात | Soybean Bhavantar Yojana Status

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Soybean Bhavantar Yojana Status 2025

Soybean Bhavantar Yojana Status: The Soybean Bhavantar Yojana launched by the Madhya Pradesh Government is bringing significant financial relief to farmers across the state. Under this flagship agricultural scheme, an amount of ₹1292 crore has been transferred directly to the bank accounts of 6.44 lakh soybean farmers, ensuring fair compensation for their produce. Chief Minister Dr. Mohan Yadav personally oversaw the transfer of ₹810 crore, reinforcing the government’s strong commitment to farmer welfare and income security. The scheme aims to protect farmers from market price fluctuations by bridging the gap between the minimum support price and actual selling price. With strong support from Prime Minister Narendra Modi, this initiative reflects Madhya Pradesh’s focus on farmer empowerment, agricultural development, crop price stabilization, and rural economic growth. The Soybean Bhavantar Yojana has emerged as a major step toward strengthening the state’s farming community, boosting confidence among soybean growers, and promoting sustainable agriculture in Madhya Pradesh. Know Your Soybean Bhavantar Yojana Status at below

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से चलाई जा रही सोयाबीन भावांतर योजना राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी संजीवनी साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से सरकार ने अब तक लाखों किसानों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचाया है, जिससे उनकी आय में स्थिरता आई है और खेती को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है। अधिक जानकारी आप mpbharti.com पर देख सकते है !

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार लगातार किसानों के हित में ठोस कदम उठा रही है। “अन्नदाता की समृद्धि, मध्यप्रदेश की प्रगति” के संकल्प को साकार करते हुए सोयाबीन भावांतर योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।

6.44 लाख किसानों को ₹1292 करोड़ की राशि का लाभ

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 6.44 लाख किसानों को इस योजना के अंतर्गत कुल ₹1292 करोड़ की राशि का अंतरण किया जा चुका है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी गई है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को समय पर लाभ मिल सके।
यह योजना खासतौर पर उन किसानों के लिए वरदान साबित हुई है, जिन्हें बाजार में सोयाबीन की फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। भावांतर योजना के तहत सरकार बाजार मूल्य और निर्धारित समर्थन मूल्य के अंतर की भरपाई करती है, जिससे किसानों को नुकसान नहीं उठाना पड़े।

3.77 लाख किसानों को ₹810 करोड़ का अतिरिक्त अंतरण – Soybean Bhavantar Yojana Status

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हाल ही में 3.77 लाख किसानों को ₹810 करोड़ की अतिरिक्त राशि का अंतरण किया गया। यह कार्यक्रम 28 दिसंबर 2025 को भगवान सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जावरा, जिला रतलाम में आयोजित किया गया।

सोयाबीन भावांतर योजना

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को केवल सहायता नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा भी दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रखना है, ताकि वे बिना किसी चिंता के खेती कर सकें। किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में मजबूत कदम सोयाबीन मध्यप्रदेश की प्रमुख नकदी फसलों में से एक है। बड़ी संख्या में किसान अपनी आजीविका के लिए सोयाबीन की खेती पर निर्भर हैं। कई बार बाजार में कीमतें गिरने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में भावांतर योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम कर रही है।

इस योजना से न केवल किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी मिला है कि सरकार उनके साथ खड़ी है। इससे किसानों में आधुनिक खेती, बेहतर बीज और नई तकनीक अपनाने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

पारदर्शी और सरल प्रक्रिया
भावांतर योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सरल और पारदर्शी प्रक्रिया है। पंजीकरण से लेकर भुगतान तक की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन की गई है। किसान निर्धारित समय में अपनी उपज का पंजीकरण कराते हैं और सत्यापन के बाद राशि सीधे खाते में भेज दी जाती है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और किसानों को पूरा लाभ मिल रहा है।

सरकार का संकल्प: किसान सशक्त, प्रदेश समृद्ध
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं ला रही है। भावांतर योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिल सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “डबल इंजन सरकार” के विजन के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में काम कर रही हैं। सोयाबीन भावांतर योजना इस प्रयास का एक सशक्त उदाहरण है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, सोयाबीन भावांतर योजना ने मध्यप्रदेश के किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया है। करोड़ों रुपये की सहायता राशि ने किसानों की मेहनत को सम्मान दिया है और खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह योजना न केवल किसानों की आज की जरूरतों को पूरा कर रही है, बल्कि प्रदेश के कृषि भविष्य को भी मजबूत बना रही है।

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