New Changes In MP Sarkari Bharti Exam 2026
New Changes In MP Sarkari Bharti : The Government of Madhya Pradesh is planning a major reform in its recruitment process by limiting the role of the Madhya Pradesh Employees Selection Board (ESB) to conducting a single annual eligibility test instead of full recruitment exams. Under the proposed system, ESB will release scorecards after the eligibility exam, and individual government departments will handle their own vacancy advertisements, selection procedures, and appointments. The new model aims to reduce recruitment timelines from 1–1.5 years to just 2–2.5 months, improve transparency, and provide relief to candidates from appearing in multiple examinations. The proposal has received in-principle approval and is expected to be placed before the state cabinet for final clearance.
मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी की जा रही है। अब मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) सीधे भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने के बजाय केवल “पात्रता परीक्षा “ लेगा। इस नई व्यवस्था का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा। जीएडी के प्रस्ताव के अनुसार कर्मचारी चयन मंडल समान प्रकृति के पदों के लिए साल में केवल एक बार संयुक्त पात्रता परीक्षा आयोजित करेगा। परीक्षा के बाद मंडल अभ्यर्थियों का स्कोरकार्ड अपनी वेबसाइट पर जारी कर देगा।
वहीं विभाग अपनी आवश्यकतानुसार रिक्त पदों का विज्ञापन पोर्टल पर जारी करेंगे। विभाग, ईएसबी द्वारा जारी स्कोरकार्ड के अंकों और लागू आरक्षण नीति के आधार पर अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट तैयार करेंगे और उसी आधार पर सीधे चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करेंगे। दो माह के अंदर पूरी हो जाएगी भर्ती प्रक्रिया: नई व्यवस्था के माध्यम से यह पूरी भर्ती प्रक्रिया दो से ढाई महीने में पूरी कर ली जाएगी। इससे अभ्यर्थियों को भी अलग-अलग पदों के लिए बार-बार परीक्षाओं में नहीं बैठना पड़ेगा।
Government Recruitment Pattern To change in MP
- नई प्रणाली के अनुसार ESB अब समान प्रकृति के पदों के लिए साल में केवल एक बार संयुक्त पात्रता परीक्षा आयोजित करेगा।
- परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों का स्कोरकार्ड ESB की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।
- इसके बाद राज्य के अलग-अलग विभाग अपनी आवश्यकता के अनुसार रिक्त पदों का विज्ञापन जारी करेंगे।
- विभाग स्वयं चयन प्रक्रिया पूरी करेंगे।
- इसका मतलब है कि अब बार-बार अलग-अलग पदों के लिए परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी।
भर्ती प्रक्रिया कितनी तेज होगी?
- अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में किसी भी भर्ती प्रक्रिया को पूरा होने में 1 से 1.5 साल तक का समय लग जाता है।
- नई प्रणाली लागू होने के बाद यही प्रक्रिया 2 से 2.5 महीने में पूरी की जा सकेगी।
- यह बदलाव लाखों युवाओं के लिए राहत भरा साबित हो सकता है, जो लंबे समय तक परिणाम और नियुक्ति की प्रतीक्षा करते रहते हैं।