Mukhyamantri Sugam Parivahan Sewa Yojana 2026
Mukhyamantri Sugam Parivahan Sewa Yojana in Hindi: The Madhya Pradesh government is set to launch the Chief Minister Sugam Transport Service to provide safe, affordable, and reliable public transportation across the state (Mukhyamantri Sugam Parivahan Sewa Yojana). Starting from March–April, the service will begin in Indore with 310 buses on 32 routes, followed by expansion across major divisions including Ujjain and Bhopal. Operated under a PPP model with strict fare control and supported by an advanced IT-based monitoring system, the scheme aims to improve passenger safety, connectivity, and travel convenience throughout Madhya Pradesh. Know more details about Mukhyamantri Sugam Parivahan Sewa Yojana in Hindi
नए साल में मध्यप्रदेश के यात्रियों को सुरक्षित, सस्ती और सुगम परिवहन सुविधा देने की दिशा में राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मार्च–अप्रैल 2026 से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत प्रदेशभर में अलग-अलग मार्गों पर चरणबद्ध तरीके से बसों का संचालन किया जाएगा। इंदौर में यह सेवा अप्रैल से शुरू होगी, जहां पहले चरण में 32 रूटों पर 310 बसें चलाई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य केवल बसें चलाना नहीं, बल्कि यात्रियों को समय पर, सुरक्षित और किफायती यात्रा उपलब्ध कराना है। खास बात यह है कि यह पूरी व्यवस्था आधुनिक आईटी सिस्टम पर आधारित होगी, जिससे बसों की निगरानी से लेकर यात्रियों की सुरक्षा तक हर पहलू पर नजर रखी जा सकेगी। अधिक जानकारी आप mpbharti.com पर देख सकते है !
The Chief Minister’s Easy Transport Service will be launched in Madhya Pradesh. A proposal for the scheme has already been prepared. In a high-level meeting held yesterday at the Chief Minister’s residence to discuss the new transport service – the Chief Minister’s Easy Transport Service – Chief Minister Dr. Mohan Yadav said that the government will make every necessary effort to ensure convenient passenger transport in rural areas, especially in all the tribal regions of the state. Transport Secretary Manish Singh said that the new transport plan will involve a three-tiered monitoring system for the operation of passenger buses in the state. A state-level holding company will be formed at the state headquarters for this purpose. Seven regional subsidiary companies will also be established in the state’s seven major divisions: Bhopal, Indore, Jabalpur, Gwalior, Ujjain, Sagar, and Rewa.
उज्जैन और प्रदेशभर में भी मिलेगा लाभ
इंदौर के साथ-साथ उज्जैन में भी इस योजना की शुरुआत की जा रही है। उज्जैन में 23 रूटों पर 127 बसें चलाई जाएंगी। वहीं, पूरे प्रदेश में इस योजना के तहत करीब 11 हजार बसें अलग-अलग मार्गों पर दौड़ेंगी। इससे छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों को भी सीधे और बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
राज्य और संभाग स्तर पर बनी नई कंपनियां
इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल संचालन के लिए सरकार ने राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी और संभाग स्तर पर सात क्षेत्रीय कंपनियों का गठन किया है। इंदौर में एआईसीटीएसएल (Atal Indore City Transport Services Limited) को क्षेत्रीय सहायक कंपनी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यहां 130 से अधिक लोगों की एक विशेष टीम इस योजना के संचालन और निगरानी का काम करेगी। इंदौर और उज्जैन के अलावा भोपाल-नर्मदापुरम, जबलपुर-सागर, रीवा-शहडोल और ग्वालियर-चंबल संभाग में भी अलग-अलग कंपनियां बनाई जाएंगी, जो बस संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगी।
आईटी सिस्टम से होगी हर बस की निगरानी
योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका आईटी-आधारित ढांचा है। सभी बसें इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ी होंगी। इससे
- बसों की लाइव ट्रैकिंग
- यात्रियों की सुरक्षा
- समयपालन की मॉनिटरिंग
- शिकायतों का त्वरित समाधान
जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। सरकार का मानना है कि तकनीक के जरिए ही परिवहन सेवा को ज्यादा भरोसेमंद बनाया जा सकता है।
पीपीपी मॉडल, लेकिन किराए पर सख्त नियंत्रण
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर शुरू की जा रही है, लेकिन किराए को लेकर सरकार कोई ढील नहीं देना चाहती। हर रूट पर पहले से निजी बसों के किराए की पूरी सूची तैयार की गई है। सरकार का साफ संदेश है कि यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की कोई गुंजाइश नहीं होगी। सरकार का फोकस है कि कम किराए में बेहतर सुविधा मिले, ताकि आम आदमी निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन को अपनाए।
पहले चरण में किन रूटों पर मिलेगी सुविधा
पहले चरण में इंदौर-उज्जैन संभाग से धार, देवास, रतलाम, मंदसौर, नीमच, शाजापुर सहित अन्य जिलों को जोड़ा जाएगा। इन मार्गों पर करीब 1700 बसें चलाने के लिए रूट तैयार किए गए हैं। इसके अलावा इंदौर से भोपाल, उज्जैन, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, सागर और जबलपुर के लिए भी बसें शुरू करने की योजना है। सरकार यह भी कोशिश कर रही है कि पहले ही चरण में महाराष्ट्र और गुजरात के प्रमुख रूटों पर कुछ बसें चलाई जा सकें, ताकि अंतरराज्यीय यात्रियों को भी राहत मिले।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर जोर
इस योजना में बसों की गुणवत्ता, ड्राइवर-कंडक्टर का प्रशिक्षण, महिला यात्रियों की सुरक्षा और समयबद्ध संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यदि परिवहन व्यवस्था भरोसेमंद होगी, तो लोग खुद इसे अपनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नववर्ष में शीघ्र ही प्रदेशवासियों को मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके तहत प्रदेश में सरकारी बसों का संचालन होगा, जिससे गाँव-गाँव तक सस्ती और सुविधाजनक बस सेवा नागरिकों को मिलेगी। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में लग्जरी बसे भी चलाई जायेंगी।
प्रदेश में नगर वाहन सेवा सहित अंतर्शहरी बस सेवा को सुगम बनाने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को प्रारंभ करने की स्वीकृति दी जा चुकी है। यात्री परिवहन सेवा प्रारंभ करने के लिये 101 करोड़ 20 लाख रूपये की अंशपूंजी के रूप में स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिये कंपनी एक्ट के तहत SPVs गठित हैं, जिसमें से 16 कार्यरत हैं। उक्त समस्त कंपनियों के साथ संभागीय कंपनी के रूप में मर्ज किये जाने का भी निर्णय लिया गया है। प्रदेश में परिवहन व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिये 7 कंपनियों के एकीक्रत नियंत्रण के लिये राज्य स्तर पर कंपनीज एक्ट 2013 के तहत एक होल्डिंग कंपनी का गठन करने का भी निर्णय लिया गया है। कैबिनेट मीटिंग में जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति के गठन की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा संचालन के लिये बस परिवहन अधोसंरचना के तहत पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) प्रक्रिया से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदंडों का यात्री एवं बस ऑपरेटर के लिये सुविधाओं कानिर्माण किया जायेगा। बस संचालन एवं संधारण के लिये पीपीपी मोड प्रक्रिया से, निजी बस ऑपरेटर्स को संगठित रूप से एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत संचालित किया जायेगा। परिवहन सेवा की निगरानी के लिये आईटी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन की स्थापना करते हुए बस ऑपरेशन्स पर प्रभावी निगरानी रखी जायेगी। होल्डिंग कंपनी द्वारा एक कुशल आईटी प्लेटफार्म स्थापित करते हुए उस पर नोटिफाइड रूट अनुसार निजी बस ऑपरेटर्स को अनुबंधित किया जायेगा। साथ क्षेत्रीय सहायक कंपनियों की आय के स्रोत निर्माण के लिये इस योजना में विशेष इंतेजाम किये गये हैं। नवीन परिवहन योजना का सबसे अधिक लाभ यात्रियों को होगा। बस ऑपरेटर्स को बेहतर माहौल और उन्हें कंटिन्यूअज बिजनेस देने का प्रावधान भी इस नवीन परिवहन सेवा योजना में किया गया है।