MP Pashu Chikitsa Vibhag Bharti : पशु चिकित्सा विभाग में जल्द होगी 700 पदों पर भर्ती – मुख्यमंत्री

MP Pashu Chikitsa Vibhag Bharti 2025

MP Pashu Chikitsa Vibhag Bharti : Chief Minister Dr. Mohan Yadav said that veterinary medicine is an important dimension, it should not be neglected. The arrangement of doctors and service-oriented staff according to the state’s livestock will also provide employment to the youth. 1065 veterinary hospitals have been established in the state. He said that 700 posts should be appointed soon. Officials told the CM that the Public Service Commission is soon completing the selection process for 200 veterinary doctors. Similarly, the Employee Selection Board has declared the results for filling 500 posts of Assistant Veterinary Field Officers.

MP Pashu Chikitsa Vibhag Recruitment 2025। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पशु चिकित्सा एक महत्वपूर्ण आयाम है, इसकी अवहेलना नहीं होना चाहिए। राज्य के पशुधन के मान से चिकित्सक और सेवा भावी स्टॉफ की व्यवस्था से युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। प्रदेश में 1065 पशु चिकित्सालय स्थापित हैं। उन्होंने कहा कि 700 पदों पर नियुक्ति जल्द की जाए। अधिकारियों ने सीएम को बताया कि लोकसेवा आयोग द्वारा शीघ्र ही 200 पशु चिकित्सकों के चयन की कार्यवाही पूर्ण की जा रही है। इसी तरह कर्मचारी चयन मंडल ने 500 सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के पदों की पूर्ति के लिए परिणाम घोषित किए हैं।

डेयरी विकास को मिलेगी रफ्तार – MP Pashu Chikitsa Vibhag Bharti

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में गोपालन और दुग्ध उत्पादन को मजबूत आधार देने के लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर तेजी से काम करें। पिछले दो वर्षों में डेयरी सेक्टर ने उल्लेखनीय प्रगति की है—राज्य में 1,000 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन हुआ, साथ ही 585 निष्क्रिय समितियों को फिर से सक्रिय किया गया, जिससे डेयरी नेटवर्क पहले से अधिक सशक्त हुआ है। उनका कहना है कि डेयरी केवल एक आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका से जुड़ी जीवनरेखा है, इसलिए इसे शीर्ष प्राथमिकता दी जा रही है।

लक्ष्य–दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाई पर ले जाना

मध्यप्रदेश में डेयरी सेक्टर निरंतर आगे बढ़ रहा है। इसी को गति देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि दुग्ध उत्पादन को दोगुना करना केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि निकट भविष्य की उपलब्धि है। डेयरी विकास के साथ-साथ पशुपालन को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिक रणनीति है ताकि किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था नई ऊर्जा प्राप्त कर सके।

किसानों को लाभ–दूध के दाम बढ़े

बैठक में यह जानकारी दी गई कि दुग्ध संघों द्वारा किसानों से खरीदे जाने वाले दूध के मूल्य में ₹2.50 से ₹8.50 प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही दूध के भुगतान की समय-सीमा भी तय कर दी गई है ताकि किसानों को राशि समय पर मिल सके। इसके अतिरिक्त गौशालाओं के लिए सहायता राशि भी बढ़ा दी गई है—अब प्रति गाय ₹20 की जगह ₹40 प्रतिदिन प्रदान किए जाएंगे।

गाय आधारित उत्पादों को नया बाजार

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गाय के दूध से बने घी, गौ-काष्ठ, गौमूत्र आधारित उत्पादों आदि की मार्केटिंग और बिक्री के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित की जाए। इससे गौशालाएं न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी बल्कि गांवों में नए रोजगार और आय के अवसर भी उत्पन्न होंगे।

सहकारिता मॉडल से मजबूत होगी डेयरी संरचना

13 अप्रैल 2025 को मध्यप्रदेश सरकार एवं राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच हुए समझौते के बाद दुग्ध संघों में नई प्रबंधन समितियों का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनी स्टीयरिंग कमेटी जल्द ही ‘डेयरी डेवलपमेंट प्लान’ प्रस्तुत करेगी।
इसके साथ ही मध्यप्रदेश राष्ट्रीय पशुधन मिशन उद्यमिता कार्यक्रम में तथा पशुपालकों को क्रेडिट कार्ड प्रदान करने में देश में तीसरे स्थान पर है—जो राज्य की डेयरी क्षमता का प्रमाण है।

महत्वपूर्ण योजनाएं—लक्ष्य आत्मनिर्भरता

बैठक में निम्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई:

● राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम
● मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना
● क्षीर धारा ग्राम योजना
● हिरण्यगर्भा अभियान
● डेयरी समृद्धि संपर्क अभियान

इन सभी योजनाओं का उद्देश्य है—किसानों की आय बढ़ाना, पशुधन को सुरक्षित रखना और गांव स्तर पर डेयरी आधारित आत्मनिर्भरता स्थापित करना।

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