Eran Job Opportunity 2026
Eran Job Vacancy 2026: ऐरण को आने वाले समय में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे न केवल क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को नई ऊँचाई मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अनेक नए अवसर भी सृजित होंगे। इससे क्षेत्र का समग्र विकास होगा और “विरासत से विकास” की दिशा में एक मजबूत पहल देखने को मिलेगी। यह विचार मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने सागर जिले के बीना नगर में आयोजित तीन दिवसीय ऐरण महोत्सव के भव्य आयोजन के दौरान व्यक्त किए।
Eran Job Vacancy 2026
इस अवसर पर बीना विधायक श्रीमती निर्मला सप्रे, नगर निगम अध्यक्ष श्री वृंदावन अहिरवार, जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी, श्री गौरव सिरोठिया, श्री अरुणोदय चौबे, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, एसडीएम श्री विजय डेहरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव उईके सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। महोत्सव का वातावरण उत्साह, संस्कृति और गौरव से परिपूर्ण दिखाई दिया।
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उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार राज्य की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों को संरक्षित करने के साथ-साथ उन्हें पर्यटन के मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों पर महोत्सवों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे उन स्थलों की गरिमा बढ़े और आमजन उनसे जुड़ सके।
उन्होंने कहा कि ऐरण जैसे प्राचीन और ऐतिहासिक स्थल में पर्यटन की असीम संभावनाएँ हैं। निकट भविष्य में यह स्थान विश्व पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा और यहाँ देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक एवं सैलानी आएंगे। बीना नदी के तट पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है।
उपमुख्यमंत्री ने ऐरण में स्थित भगवान विष्णु की प्राचीन मूर्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मूर्ति न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि तत्कालीन कलाकारों की अद्भुत कला कौशल का भी प्रमाण है। सैकड़ों-हजारों वर्ष पूर्व जिस बारीकी और उत्कृष्टता से इन मूर्तियों का निर्माण किया गया, वह आज भी हमें आश्चर्यचकित कर देता है। यह दर्शाता है कि उस काल के शिल्पकार कितने दक्ष और प्रतिभाशाली रहे होंगे।
उन्होंने कहा कि ऐरण महोत्सव इतिहास और परंपरा को आधुनिकता से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानने और समझने का अवसर मिलता है। साथ ही कलाकारों, लोकसंस्कृति और पारंपरिक कलाओं को भी एक सशक्त मंच प्राप्त होता है।
बीना विधायक श्रीमती निर्मला सप्रे ने अपने संबोधन में कहा कि ऐरण महोत्सव न केवल बीना, बल्कि संपूर्ण बुंदेलखंड और मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह पुरातात्विक स्थल विश्व स्तर पर सागर जिले की पहचान स्थापित करता है। उन्होंने बताया कि 4 सितंबर 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐरण के विकास को लेकर जो वादा किया था, वह आज ऐरण महोत्सव के आयोजन के माध्यम से पूरा होता दिखाई दे रहा है।
श्रीमती सप्रे ने कहा कि ऐरण केवल बुंदेलखंड की ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व की धरोहर है। इसका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि ऐरण क्षेत्र में यदि किसी को भी कोई प्राचीन मूर्ति या पुरातात्विक अवशेष प्राप्त होता है, तो उसे सुरक्षित रखते हुए पुरातत्व विभाग को सौंपें, ताकि उसका वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण किया जा सके।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ऐरण एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
बीना नदी में गंगा आरती का आयोजन
ऐरण महोत्सव के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने बीना नदी के तट पर विधिवत गंगा आरती की। इस अवसर पर विधायक श्रीमती निर्मला सप्रे, श्री श्याम तिवारी, श्री गौरव सिरोठिया, श्री अरुणोदय चौबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। गंगा आरती के दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिक और भक्तिमय हो गया, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
विद्वानों एवं पुरातत्व विशेषज्ञों का सम्मान
महोत्सव के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. मोहन चढ़ार एवं डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नागेश दुबे को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इन दोनों विद्वानों ने ऐरण में स्थित लगभग 1700 वर्ष पुराने भगवान विष्णु के मंदिर, उनकी विभिन्न मूर्तियों और अवतारों के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
जिला अध्यक्ष का संबोधन
जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। ऐरण महोत्सव भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल के विशेष प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यटन और रोजगार के नए द्वार खोलते हैं।
इस प्रकार ऐरण महोत्सव न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि यह ऐरण की ऐतिहासिक विरासत को संजोने, पहचान दिलाने और भविष्य के विकास की मजबूत नींव रखने का एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।