MP Pension New Update 2026
MP Pension New Scheme: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों के हित में एक अहम निर्णय लिया है। अब वर्ष 2005 के बाद राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत नियुक्त कर्मचारियों की तलाकशुदा बेटी भी परिवार पेंशन की हकदार होगी। इस फैसले से प्रदेश के तीन लाख से अधिक कर्मचारियों के परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। अब तक यह सुविधा केवल 2005 से पहले नियुक्त कर्मचारियों के परिवारों को मिलती थी, जबकि 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के परिजन इससे वंचित थे। नए निर्णय के साथ यह अंतर समाप्त कर दिया गया है।
1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे नए नियम
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन) नियम 2026 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत उपदान का संदाय) नियम 2026 को मंजूरी दे दी है। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे और इनके प्रकाशन के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है।
परिवार पेंशन से जुड़े प्रमुख प्रावधान
नए नियमों के तहत यदि पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो परिवार को पेंशन का लाभ मिलेगा। इसमें अब तलाकशुदा बेटी को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा:
- स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और ई-सेवा पुस्तिका से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।
- केंद्र एवं मध्यप्रदेश शासन की पूर्व सेवाओं को जोड़े जाने का प्रावधान किया गया है।
- निलंबन अवधि में अभिदाता और नियोक्ता के अंशदान से संबंधित व्यवस्था स्पष्ट की गई है।
- अंशदान की दर, गणना, विलंब की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने और निकास प्रावधान (सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र, मृत्यु आदि) निर्धारित किए गए हैं।
- विभागीय जांच की स्थिति में नियोक्ता के अंशदान रोके जाने तथा सेवानिवृत्ति से तीन माह पूर्व अंशदान रोकने संबंधी प्रावधान भी जोड़े गए हैं।
- सरकार का कहना है कि इन संशोधनों से पेंशन प्रणाली अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित होगी।
न्यायालय आईटी कर्मचारियों को आयु सीमा में छूट
कैबिनेट ने उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी संवर्ग में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर कर्मचारियों को तकनीकी संवर्ग की भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए एक बार पांच वर्ष की आयु सीमा में छूट देने की मंजूरी दी है।
वर्तमान में अधिकतम आयु सीमा:
- अनारक्षित वर्ग के लिए 40 वर्ष
- आरक्षित वर्ग के लिए 45 वर्ष
जनजातीय और महिला बाल विकास योजनाओं को 7,133 करोड़ की स्वीकृति
कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जनजातीय कार्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए 7,133 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की है।
मुख्य आवंटन इस प्रकार हैं:
- पीवीटीजी आहार अनुदान योजना – ₹2,350 करोड़
- एकीकृत छात्रावास योजना – ₹1,703 करोड़ 15 लाख
- सीएम राइज विद्यालय योजना – ₹1,416 करोड़ 91 लाख
- आवास सहायता योजना – ₹1,110 करोड़
- छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति – ₹522 करोड़ 8 लाख
- मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना – ₹31 करोड़ 3 लाख
कर्मचारी हित में बड़ा कदम
मोहन कैबिनेट का यह निर्णय कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासतौर पर तलाकशुदा बेटियों को परिवार पेंशन के दायरे में शामिल करना लंबे समय से की जा रही मांग को पूरा करता है।
1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले इन नियमों के बाद प्रदेश के लाखों परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।