Ayush Hospital MP Vacancy -MP के 13 जिलों में बनेंगे आयुष अस्पताल, 373 नए पद सृजित होंगे

MP Ayush Hospital Recruitment 2025

Ayush Hospital MP Vacancy:मध्य प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में तय किया गया कि प्रदेश के 12 जिलों में 50-बिस्तर वाले आयुष अस्पताल और बड़वानी जिले में 30-बिस्तर वाला अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। इन अस्पतालों के संचालन के लिए सरकार ने 373 नए नियमित पदों के सृजन को हरी झंडी दे दी है।

यह निर्णय मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिया गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य ढांचे को और बेहतर बनाने के लिए 806 ह्यूमन रिसोर्स सर्विस पद कॉल बेसिस पर मंजूर किए गए हैं। इनमें 52 क्लास-1, 91 क्लास-2 और 230 क्लास-3 पोस्ट शामिल हैं। वहीं एचआर सर्विस में 91 क्लास-2, 117 क्लास-3 और 598 क्लास-4 पदों को भी स्वीकृति मिली है। इनका संचालन नेशनल आयुष मिशन के माध्यम से किया जाएगा।

किन जिलों में खुलेंगे नए आयुष अस्पताल?

सरकार ने जिन जिलों में 50-बिस्तर वाले आयुष अस्पताल खोलने की मंजूरी दी है, वे हैं: भोपाल, इंदौर, नरसिंहपुर, खरगोन, बालाघाट, गुना, भिंड, सीहोर, पन्ना, श्योपुर, अनूपपुर और शाजापुर। वहीं बड़वानी में 30-बिस्तर वाला आयुष चिकित्सालय स्थापित होगा। इन अस्पतालों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलेगा और नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी।

प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना (PMKMY) में बड़े बदलाव

कैबिनेट ने सिंचाई के लिए सोलर पंप उपलब्ध कराने वाली PMKMY योजना में अहम संशोधन किए हैं। अब किसानों को अपने मौजूदा अस्थायी बिजली कनेक्शन की तुलना में एक स्तर अधिक क्षमता का सोलर पंप लेने की अनुमति मिलेगी।

  • 3 HP कनेक्शन वाले किसान अब 5 HP सोलर पंप ले सकेंगे।
  • 5 HP कनेक्शन वाले किसान 7.5 HP सोलर पंप के लिए पात्र होंगे।
  • अस्थायी बिजली कनेक्शन वाले किसान 7.5 HP तक के सोलर पंप पर 90% सरकारी सब्सिडी का लाभ पाएंगे।
  • यह बदलाव किसानों की सिंचाई लागत कम करेगा और उन्हें स्थायी ऊर्जा समाधान प्रदान करेगा।
  • मिशन वात्सल्य योजना को मिले 5 साल की बढ़ोतरी

बैठक में मंत्रिमंडल ने मिशन वात्सल्य योजना के तहत गैर-संस्थागत सेवाओं को अगले 5 वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया। इसके अंतर्गत

  • स्पॉन्सरशिप
  • फॉस्टर केयर
  • आफ्टर केयर

जैसी सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। इससे करीब 33,346 बच्चों को प्रतिमाह 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। 18 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन से बाहर आने वाले बच्चों को रोजगार आधारित ट्रेनिंग से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

कौन-कौन से बच्चे लाभान्वित होंगे?

  • मिशन वात्सल्य योजना उन बच्चों के लिए है जो—
  • विधवा, तलाकशुदा या छोड़ी हुई माताओं के बच्चे
  • अनाथ बच्चे
  • बड़े परिवारों में रहने वाले ज़रूरतमंद बच्चे
  • गंभीर बीमारियों से जूझ रहे माता-पिता के बच्चे
  • आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे
  • बेघर, श्रम में फंसे, तस्करी या शोषण के शिकार बच्चे
  • विकलांग, लापता या आपदा से प्रभावित बच्चे
  • बाल वेश्यावृत्ति या दुर्व्यवहार से पीड़ित बच्चे
  • यानी वे सभी बच्चे जिन्हें विशेष देखभाल और सहयोग की ज़रूरत है।
  • अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
  • कैबिनेट ने कई और फैसले अनुमोदित किए:

MP साइंस एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल के लिए नए भर्ती और सर्विस नियमों (2025) को मंजूरी।

1 जनवरी 2016 से मेडिको-लीगल इंस्टीट्यूशन के अधिकारियों को 7वें वेतनमान का लाभ देने की स्वीकृति।

आगरा-मालवा की नई डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी में नौ नए पद सृजित — सेक्रेटरी, लीगल एड ऑफिसर, असिस्टेंट ग्रेड-2, असिस्टेंट ग्रेड-3, ऑर्डर इम्प्लीमेंटर और चपरासी।

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